मुंबई सेंट्रल मेन स्टेशन को मिला आईएसओ प्रमाणपत्र

मुंबई : पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मेन स्टेशन INTERSET की पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत ISO 1400:2015 का  प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाला पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल का पहला रेलवे स्टेशन बन गया है। यह प्रमाणन मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर टिकटिंग, बुकिंग, रिटायरिंग रूमों तथा वेटिंग रूमों के बेहतरीन रखरखाव तथा स्टेशन  क्लीनिंग, सेनिटेशन, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण इत्यादि की बेहतरीन यात्री सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिया गया है। इस प्रकार मुंबई सेंट्रल स्टेशन अब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन  ISO  द्वारा मॉडल स्टेशन के रूप में जाना जायेगा, जो पश्चिम रेलवे के सम्पूर्ण मुंबई मंडल का ऐसा पहला स्टेशन है और जल्द ही इस मंडल के 38 अन्य स्टेशनों  का भी इसी तर्ज पर विकास कर उनके लिए भी यह प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन प्राप्त करने की योजना बनाई गई है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनस पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर द्वारा  जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली का क्रियान्वयन मुंबई सेंट्रल स्टेशन के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को सपोर्ट और सस्टेन करेगा तथा रेलवे स्टेशन के इ प्रूवमेंट प्लान  के एक भाग के रूप में एन्वॉयरमेंटल परफोर्मेंस गोल को सेट करने तथा इसे पाने को प्रोत्साहित करेगा। भविष्य से बिना समझौता करते हुए आज की जरूरतों के लिए पर्यावरण,  सोसायटी तथा अर्थव्यवस्था में बैलेंस बनाने की आवश्यकता है। एक प्रमुख नीतिगत निर्णय में रेल मंत्रालय ने इसे और प्रायोगिक बनाने के लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी  को बड़े पैमाने पर निर्धारित किया है। रेलवे स्टेशनों को आय, पैसेंजर फुट फॉल, स्ट्रेटेजिक महत्व के अनुसार रिकैटेगराइज किया गया है, जिससे प्रभावी और फोकस्ड तरीके से  विभिन्न यात्री सेवाओं और सुविधाओं की योजना बनाई जा सके। पहले स्टेशन श्रेणी का आधार वार्षिक यात्री आय पर आधारित था। पश्चिम रेलवे पर इस सर्टिफिकेशन के लिए  नामित कुल 73 स्टेशनों में से 44 स्टेशन नॉन सर्बवन कैटेगरी तथा 29 स्टेशन सर्बवन कैटैगरी के हैं। इनमें से मुंबई मंडल के कुल 39 स्टेशनों में से बांद्रा टर्मिनस, सूरत, नवसारी,  बिलिमोरा, वलसाड,  उधना, वापी, उदवाड़ा, उंबरगांव और मुंबई सेंट्रल सहित 10 गैर उपनगरीय तथा चर्चगेट, अंधेरी, बांद्रा, भायंदर, बोईसर, बोरीवली, दादर, दहिसर, गोरेगांव,  जोगेश्वरी, कांदिवली, खार रोड, माहिम, मीरा रोड, नालासोपारा, सांताक्रुज, वसई रोड, विले पार्ले, विरार, चर्नी रोड, प्रभादेवी, ग्रांट रोड, लोअर परेल, महालक्ष्मी, मरीन लाइन्स, माटुंगा  रोड, नायगांव, मालाड और पालघर सहित 29 उपनगरीय स्टेशन शामिल हैं। इन 10 गैर उपनगरीय स्टेशनों में से मुंबई सेंट्रल मेन स्टेशन को पहला सर्टिफिकेशन मिल चुका है। यह  प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन मुंबई सेंट्रल मेन स्टेशन परिसर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (वेस्ट से ऊर्जा) की सफलतापूर्वक स्थापना, मुंबई सेंट्रल के परिसंचरण क्षेत्र में डे लाइट  हार्वेस्टिंग सिस्टम (स्काई पाइप) की स्थापना से ऊर्जा की बचत तथा मुंबई सेंट्रल स्टेशन के पूरे परिसंचरण क्षेत्र एवं आसपास के एरिया में रुश्वष्ठ लाइटों का प्रावधान जैसी  उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर प्राप्त हुआ है।