बारिश तय करेगी बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन का भविष्य

मुंबई बीजेपी और शिवसेना में इन दिनों एक होड़ सी लगी है कि कौन कितने ज्यादा कांग्रेस-एनसीपी नेताओं को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर सकता है। इसे इन दोनों पार्टियों की आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की मंशा के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों पार्टियां साथ रहेंगी या नहीं यह बारिश पर निर्भर करेगा। गुरुवार को शरद पवार के विश्वासपात्र और मुंबई एनसीपी चीफ सचिन अहीर ने शिवसेना का दामन थाम लिया। अब तक करीब आधा दर्जन कांग्रेस-एनसीपी नेता शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। यह साफ दिखाता है कि विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ सीट बंटवारे से पहले उद्धव ठाकरे अपनी ताकत बढ़ाने में लगे हैं। लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं। वह भी विपक्ष के बड़े नेताओं को अपने पाले में करने पर ध्यान लगाए हुए है। इसकी शुरुआत उसने सदन में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल को अपनी पार्टी में शामिल कर की है। पाटिल के बेटे ने लोकसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी का दामन थाम लिया था। पिता चुनाव के बाद बीजेपी में शामिल हो गए। 

हालांकि दोनों पार्टियां साथ में विधानसभा चुनाव लड़ेंगी या अकेले, यह बारिश पर निर्भर करेगा। मॉनसून के शुरुआती दो महीनों में राज्य में औसत से सिर्फ 75 फीसदी ही बारिश देखने को मिली है। अगर यह जारी रहा, तो राज्य कृषि संकट झेलने की ओर बढ़ेगा और यह राज्य में सूखे का लगातार दूसरा साल होगा। ऐसी परिस्थिति में दोनों पार्टियां अकेले लड़ने का रिस्क नहीं लेंगी। आशंका है कि राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चोट खाने के बाद कांग्रेस-एनसीपी किसानों के गुस्से का फायदा उठाकर महाराष्ट्र में नुकसान पहुंचा सकती हैं। 

बीजेपी-शिवसेना के बीच टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा मुख्यमंत्री पद भी है। बीजेपी जहां देवेंद्र फडणवीस को ही सीएम पद पर बनाए रखना चाहती है, तो वहीं शिवसेना अपनी युवा इकाई युवासेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह के बीच तय हुआ था कि दोनों पार्टियां राज्य की सत्ता में बराबर की अधिकारी होंगी। आदित्य पहले ही राज्यव्यापी 'जन आशीर्वाद यात्रा' पर हैं। फडणवीस आगामी 1 अगस्त से अपनी 'महाजनादेश यात्रा' की शुरुआत करेंगे।