मां को जान से मारने के लिए भागा युवक, जानें क्या हुआ कि उसकी ही हो गई मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार में एक युवक अपने मां की हत्या के इरादे से उसके पीछे भागा। मां अपनी जान बचाने के लिए थोड़ी दूर तक भागी और इसके बाद दोनों के बीच धक्कामुक्की हुई जिसमें बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि बेटा शराब के नशे में धुत होकर मां को मारने जा रहा था। पुलिस के अनुसार, जमालपुर कलां निवासी प्रवीण पुत्र चमन लाल हलवाई का काम करता था। सोमवार की रात वह शराब पीकर घर लौटा था। इस पर छोटे भाई रोहित ने उसे टोका तो दोनों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा शांत हुआ तो प्रवीण ने अपनी मां सविता से ३००० रुपये देने के लिए कहा। मां जैसे तैसे कर १५०० रुपये लेकर बेटे के पास पहुंची। बेटे ने गुस्से में १५०० रुपये फाड़ दिए और मां से झगड़ा करने लग गया। आरोप है कि बेटा अपनी मां को डंडे से मारने लगा तो मां भागने लगी। दोनों के बीच धक्का मुक्की हुई और बेटा प्रवीण नीचे गिर गया। जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई। आनन फानन में प्रवीण को जिला अस्पताल लाया गया। जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अस्पताल की सूचना पर शव को अपने कब्जे में लिया और मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। कनखल थानाध्यक्ष हरिओम राज चौहान ने बताया कि शिकायत आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। संभवत: मौत सिर में चोट के कारण हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कंट्रोल रूम को किसी ने सूचना दी कि जमालपुर कलां में भाई ने भाई की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया और आनन फानन में जगजीतपुर चौकी प्रभारी शंभू सजवाण मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल किए। आसपास के लोगों ने बयान में बताया है कि प्रवीण शराब के नशे का आदि था और झगड़ा मां और बेटे के बीच हुआ था। 

सूचना जैसे ही फैली की भाई राहुल ने बड़े भाई प्रवीण की हत्या कर दी तो राहुल कुछ देर के लिए वहां से चला गया। लेकिन बाद में राहुल वापस आ गया। राहुल और परिवार के लोगों ने अपने बयान में पुलिस को बताया है कि प्रवीण अपने आप जमीन में गिरा है सिर में उसके चोट लगने से मौत हुई है।

प्रवीण अधिकांश से हलवाई के काम पर जाया करता था। शादियों का सीजन न होने पर प्रवीण मजदूरी भी कर लेता था। शराब पीने की लत प्रवीण को हलवाई के काम में ही पड़ी थी। प्रवीण की भी आकस्मिक मौत हो गई, एक भाई की पहले भी आकस्मिक मौत हुई थी। जब पिछले साल होली के दिन एक भाई का शव गांव के ही पास पड़ा मिला था। चार भाई के अब दो ही भाई राहुल और टोनी बचे है।