डोंगरी हादसाः 18 घंटे तक बेटों के साथ मलबे में दबी रही मां

मुंबई : मुंबई के डोंगरी में मंगलवार को इमारत गिरने के मलबे से जीवित निकलने और मरने वालों के परिवारवालों की विचलित कर देने वाले कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक परिवार है अलीमा का। अलीमा, उसके सात और चार साल के बेटे 18 घंटे तक मलबे के नीचे दबे रहे। उन्हें बुधवार सुबह लगभग 5.30 बजे निकाला गया। इस हादसे में अलीमा तो बच गई, लेकिन अफसोस है कि उसके दोनों बेटों की मौत हो गई। बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। 28 वर्षीय अलीमा इदरीस, उनके बेटे शहजाद और हरबाज़ इस महीने के अंत तक अपने गृह जनपद गोंडा (यूपी) लौटने की तैयारी कर रहे थे। अलीमा के पति राशिद (31) मुंबई में दर्जी का काम करते हैं। राशिद ने केसरबाई बिल्डिंग की पहली मंजिल पर दस हजार रुपये प्रति महीने पर कमरा किराए पर लिया था। अलीमा बच्चों के साथ गोंडा में ही रहती थी लेकिन बच्चों की छुट्टियों के दौरान वह अपने पति के साथ मुंबई गई थी।