प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र ने किया आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम व गुरुपूर्णिमा का भव्य आयोजन, प्रशिक्षकों का किया सम्मान

पारस दुगड़ जी आप समस्या बताएं, हम उसका समाधान करेंगेः विधायक भातखलकर
मुंबई। प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र कांदिवली के मुख्य प्रशिक्षक पारस दुगड़ द्वारा मुंबई के कांदिवली में गुरुपूर्णिमा व तेरापंथ धर्मसंघ के 10वें अधिशास्ता आचार्य महाप्रज्ञ की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में भव्य  एवं विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षकों के अलावा योग साधना का अभ्यास कर रहे व इससे जुड़े लोगों की भारी उपस्थिति रही। इस मौके पर मुख्य अतिथि कांदिवली ईस्ट के विधायक अतुल भातखलकर एवं नगर सेवक सागर सिंह  थे। भातखलकर ने कहा कि प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र द्वारा बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। मैं हमेशा ही इनका  सहयोग करता रहा हूं, आगे भी करूंगा। पारस दुगड़ जी आपको अगर कुछ समस्याएं हैं तो उन्हें बताएं हम उनका समाधान करेंगे। विधायक भातखलकर ने इस मौके पर दुगड़ दंपत्ति का  बी.जे.पी.की ओर  से अभिनन्दन पत्र  देकर शॉल  व श्रीफल से सम्मान भी किया।
रविवार 14 जुलाई को सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम दोपहर 1 बजे तक चला। कार्यक्रम में प्रक्षाध्यान केंद्र के लोगों द्वारा तैयार किए गए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम में पेश किए गए जिनमें गणेश वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में बहुत प्यारी सी मराठी भजन, गुरुवंदना, स्वागत नृत्य, नाटिका, शांतिगीत, शताब्दी वर्ष गीत, योग डांडिया, महाप्रज्ञ गीत आदि की कार्यकर्ताओं व बच्चों द्वारा मनोरम प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। तत्पश्चात गुरु आरती की गई तथा उल्लेखनीय सेवाएं देने के लिए जयन्ति  भाई, कुन्दा बेन,दिनेशजी  सविता बेन आदि लोगों का सम्मान किया गया। इस मौके पर स्थानीय विधायक अतुल भातखलकर भी पहुंचे, जिन्होंने सेवा केंद्र व पारस दुगड़ व श्रीमती विमलादेवी दुगड़ द्वारा प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र के माध्यम से आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा दिए इस अवदान को निरंतर 22 वर्षों से आगे बढ़ाते हुए श्री दुगड के दो-दो विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाले इस सराहनीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति आचार्य श्री महाप्रज्ञ जैसे महान संतों वजह से जिंदा है। वरना तमाम देशों की संस्कृतियां ही खत्म हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि प्रेक्षा ध्यान आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा प्रदान किया गया वह अवदान है, जिसके माध्यम से जीवन शैली को सुव्यवस्थित रखने के साथ ही स्वस्थ भी रख जाता है। आज लाखों लोग प्रेक्षा ध्यान के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
कार्यक्रम में दुगड़ दंपत्ति ने विधायक श्री अतुल भातखलकर एवं नगर सेवक श्री सागर सिंह का शॉल श्रीफल एवं हार प्रदान कर उनका सम्मान किया तथा श्रीमती विमला दुगड़ को  सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता के रूप में सम्मानित किया गया। श्रीमती दुगड़ पारस जी के साथ सभी केंद्रों व अन्य जगहों पर प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं 22 वर्षों से निरंतर देती आ रही हैं। इनके अलावा जयंतीभाई मनुभाई, श्रीमती कुन्दा सदानंद वरुणकर, श्रीमती सविता जैन, अणुव्रत महासमिति की संगठन मंत्री अणुव्रत सेवी डाँ. श्रीमती ललिता जोगड़ आदि को लगातार अच्छी सेवाओं के लिए प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र द्वारा शॉल, श्रीफल व स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कई अतिथि व विशेष अतिथियों के अलावा विमला पटेल, रीटा बेन, इंदिराबेन, भारती बेन, देवेंद्र पामेचा, नितिन भाई, महेंद्र भाई नारीचनिया, हर्षद भाई वोरा, अनिल भाई गांधी, जोशी जी, अश्विन भाई, चंद्रकांत भाई, रक्षाबेन, ज्योत्सना बेन, ऊषाबेन, शारदाबेन, संजय भाई, दिनेश भाई,  अरविंद भाई ,जिग्ना बेन पंकज विराणी सहित  सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही। कार्य क्रम का संचालन श्री मती सीमा मुकेशजी डागलिया ने बहुत ही सुन्दर व सुव्यवस्थित किया।