एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से पश्चिम विदर्भ का चेहरा-मोहरा बदलेगा और यहां नए उद्योगों के आने से औद्योगिक विकास को बढ़ावा

मुंबई : विमान सेवा की वजह से उद्योगपति उस क्षेत्र में निवेश को वरीयता देते हैं। पश्चिम विदर्भ में पहले से अस्तित्व में रहे तीन एयरपोर्ट के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। आज अमरावती में  एयरपोर्ट के विकास के चलते अकोला और यवतमाल में भी एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा। इन एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से पश्चिम विदर्भ का चेहरा-मोहरा बदलेगा और यहां नए उद्योगों  के आने से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के प्रयासों से विमानन मानचित्र पर जिले का नाम आ जाएगा। यह बात राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कही। वे अमरावती  स्थित बेलोरा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के भूमिपूजन और विभिन्न कार्यों के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर अमरावती के पालक मंत्री डॉ. अनिल बोंडे, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री मदन येरावार, गृह राज्य मंत्री डॉ. रणजीत पाटिल आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई साल से जन प्रतिनिधि बेलारा विमानतल के विस्तारीकरण के लिए फॉलोअप कर रहे  थे, अब इसका भूमिपूजन हो रहा है। बेलोरा एयरपोर्ट के रनवे का विस्तारीकरण होने से बड़े आकार के विमान यहां रात्रि में उतर सकेंगे। किसी भी शहर के औद्योगिक विकास के लिए सड़क,  बिजली, पानी, रेलवे मार्ग सहित विमान यातायात की सुविधा होना अत्यावश्यक है। विमान सेवा से जुड़े शहरों का तेजी से विकास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना की वजह से  विमान सेवाओं की आधारभूत सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। इससे मध्यमवर्गीय लोगों का किफायती दरों पर विमान यात्रा करना संभव हुआ है। साथ ही विमान सेवाओं के विकास की गति  30 फीसदी तक बढ़ी है। सामान्य लोग विमान में यात्रा कर सके, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। उड़ान योजना में बेलोरा एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। बेलोरो एयरपोर्ट से शुरुआत में   मुंबई के लिए विमान सेवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके बाद देश के चार महत्वपूर्ण ठिकानों से सेवाएं शुरू की जाएगी। विस्तारीकरण के साथ-साथ रात्रि में विमान उतर सकें,  ऐसी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एयरपोर्ट के विकास की वजह से अमरावती का नाम विमानन नक्शे पर आएगा।