दिल्ली-NCR में शुरू हुआ सामूहिक कत्ल और खुदकुशी का खौफनाक ट्रेंड!

दिल्ली-एनसीआर में अपराध होते रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में सामूहिक कत्ल और खुदकुशी के जिस तेजी से मामले बढ़े हैं उसने हर किसी को इस नए खौफनाक ट्रेंड को लेकर चिंता में डाल दिया है. पिछले 15 दिनों में एक-एक करके 3 परिवार खत्म हो गए. किसी में पिता अकेला रह गया और किसी में तो कोई नामलेवा ही नहीं रहा.

सवाल यह है कि आखिर दिल्ली-एनसीआर को ये क्या हो गया है? क्यों लोग अपने ही परिवार और अपने अजीजों के खून के प्यासे हो रहे हैं? आखिर कैसे कोई इस तरह के सामूहिक कत्ल और खुदकुशी के बारे में सोच भी सकता है?

इस पूरे सिलसिले की ताजा वारदात हुई गाजियाबाद के मसूरी इलाके में, जहां एक ही परिवार की 3 बच्चियों और माता-पिता की मौत हो गई. ये मामला इन तीनों सामूहिक कत्ल और खुदकुशी के मामलों में शायद सबसे अजीब और चौंकानेवाला भी है.

मसूरी के न्यू शताब्दीपुरम कॉलोनी में शुक्रवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लोगों को एक परिवार के 5 लोगों के कत्ल की खबर मिली. आनन-फानन में पुलिस भी मौका-ए-वारदात पर पहुंची. कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था तो पुलिस को दरवाजा तोड़ना पड़ा.

एक परिवार, 5 मौतें और काली टेप की पहेली

अंदर का मंजर इतना भयानक था कि पहली नजर में तो पुलिसवालों के भी होश उड़ गए. कमरे में एक बेड पर 3, 5 और 8 साल की 3 बेटियों और पिता की लाश पड़ी थी, जबकि उसी बेड पर खून से सनी बच्चियों की मां अब भी तपड़ रही थी. महिला को फौरन अस्पताल भिजवाया गया, जिसकी बाद में मौत हो गई. मौका-ए-वारदात पर एक हथौड़ा पड़ा था, जिससे महिला को निशाना बनाया गया.

वैसे तो तीनों बच्चियों के मुंह पर भी एक काला टेप लगा था, लेकिन बच्चियों के पिता की नाक और मुंह पर कुछ ज्यादा ही टेप लिपटा हुआ था और देख कर लगता था कि मां को छोड़कर शायद सभी की मौत टेप लपेटकर सांस घुटने की वजह से हुई.

वैसे तो खुदकुशी का ये तरीका अपने-आप में बेहद अजीब और चौंकानेवाला है, क्योंकि किसी के खुद ही अपने मुंह पर टेप चिपकाकर खुदकुशी करने की बात आमतौर पर सुनाई नहीं पड़ती. लेकिन चूंकि यहां कमरा अंदर से बंद था और पड़ोसियों ने भी किसी को आते-जाते हुए नहीं देखा, इसलिए पुलिस को शक है कि अपनी बच्चियों और बीवी का कत्ल करने के बाद इस शख्स ने भी अपने मुंह पर टेप चिपका कर खुदकुशी कर ली.

शक पर सामूहिक हत्या!

पुलिस की मानें तो 42 साल का प्रदीप यहां अपनी पत्नी संगीता (40) और 3 बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) और ओजस्वी (3) के साथ पिछले कई सालों से रह रहा था. प्रदीप अक्सर शराब पीता था और उसका डीएडिक्शन सेंटर में इलाज भी चल रहा था. उसे अपनी पत्नी के चाल-चलन पर भी शक था. ऐसे में लगता है कि उसी ने पूरे परिवार को खत्म कर जान दे दी.

गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा, 'हमें मौके से प्रदीप का लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने बीवी के चाल-चलन पर शक जताते हुए खुदकुशी की बात लिखी है. हालांकि अभी हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.'